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नाम - कुँवर अमृतबीर सिंह

पद - फिटनेस मॉडल

जन्म तिथि - 4 नवंबर

स्थान - पंजाब

लक्ष्य स्पष्ट, इरादे मजबूत और कड़ी मेहनत करने का जज्बा हो तो विश्व रिकॉर्ड बनाना बड़ी बात नहीं हैं। नकल पुशअप और सुपरमैन पुशअप का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराने वाले पंजाब गुरदासपुर के 18 वर्षीय कुँवर अमृतबीर सिंह ने इसे साबित किया हैं। एक मिनिट में 118 नकल पुशअप और 30 सेकंड मे 35 सुपरमैन पुशअप का नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसमें सबसे खास ये कि महज पांच माह की कड़ी मेहनत के बल पर ये कारनामा किया।
कुँवर अमृतबीर सिंह ने कक्षा दसवीं की परीक्षा के दौरान विश्व रिकॉर्ड का लक्ष्य तय किया। इसके बाद अगले पांच माह कड़ी मेहनत की और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के साथ एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। अपने पैतृक शहर गुरदासपुर में यूथ आइकॉन बनकर आज युवाओं को कड़ी मेहनत से लक्ष्य प्राप्ति का संदेश देकर प्रेरित कर रहे हैं। सोशल मीडिया के साथ स्थानीय मीडिया में सेलिब्रिटी बने हुए हैं। युवाओं को नए लक्ष्य प्राप्त करने व नए कीर्तिमान बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। सिंह की उम्र अभी महज 18 साल हैं। चार नवंबर 2001 को उनका जन्म गुरदासपुर में हुआ। नकल पुशअप व सुपरमैन पुशअप का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराते समय तो वे महज 17 साल के थे। पढ़ाई के लिए कई स्कूल बदले। पठानकोट के हॉस्टल में भी रहे।
स्कूल समय में कुँवर अमृतबीर सिंह ने नाटकों में एक्टिंग की। इनमें शहीद भगतसिंह व इसी तरह के रोल किए। महापुरुषों के रोल ने उन्हें कुछ अच्छा- बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। कुछ अलग हटकर करने की चाह में उन्होंने फिटनेस की लाइन चुनी। वे युवाओं को प्रेरित करना चाहते हैं। वे बताते हैं कि अच्छे काम करने वालों से उन्हें मोटिवेशन मिलता हैं। पढ़ाई के दौरान शॉर्टमूवी में काम किया। दो शॉर्ट मूवी में मुख्य भूमिका निभाई।
बॉडी फिटनेस को लेकर सोशल मीडिया पर कुँवर अमृतबीर सिंह काफी प्रसिद्ध हैं। इनके काफी फॉलोअर्स हैं और इसी बात को देखते हुए इन्हें यूथ आइकॉन ऑफ गुरदासपुर का अवॉर्ड मिला। जिला प्रशासन की ओर से कर्मवीर चक्र दिया गया। स्थानीय चैनल के रिएलिटी शो में भाग लिया और टॉप 10 में शामिल रहे।
कुँवर अमृतबीर सिंह स्कूलिंग के बाद घर पर ही फिटनेस अभ्यास शुरू किया। युवाओं को पे्ररित करना था, इसलिए जीम जाने या महंगे फिटनेस उपकरण खरीदने की बजाय घर के वेस्ट मटेरियल से बॉडी फिटनेस के उपकरण तैयार किए। खुद को टॉप पर्सनॉलिटी में शामिल करने का सोचा। घर में ही प्रैक्टिस शुरू की। पुल ऑफ, डंबल समेत अन्य उपकरण बनाने के लिए पुराने टायर, लकड़ी, बांस स्टीक, लोहे की रॉड जैसे पुराने सामान का उपयोग किया। दिन में दो बार डेढ़ से दो घंटे तक वर्कआउट करते हैं। बॉडी वार्मअप करने के लिए दौड़ लगाते हैं। युवाओं के लिए रोल मॉडल बनना चाहते हैं।
कुँवर अमृतबीर सिंह ने कक्षा दसवीं में ही विश्व रिकॉर्ड बनाने का सोचा। उसके लिए काम करना शुरू किया। नकल पुशअप में मुट्ठी बंद करके पुशअप करते हैं, जबकि सुपरमैन पुशअप में शरीर को हाथ के सहारे उठाकर हवा में ही रखते हैं। सुबह के समय पुशअप का प्रशिक्षण लेते हैं। स्टेमिना बढ़ाने का अभ्यास करते हैं। चार से पांच माह में खुद को विश्व रिकॉर्ड के लिए तैयार किया। जब उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाने का तय किया तो फिर वे इसी काम में लग गए। पूरे समय इसी विषय पर विचार करते हुए मेहनत किया करते। सिंह ने प्रैक्टिस के लिए दोस्तों, सोशल मीडिया से समय निकाला। अपनी दिनचर्या वर्कआउट से ही शुरू करते हैं। व्यायाम के दौरान कुछ व्यायाम ने काफी मेहनत कराई, लेकिन उन्हें छोड़ा नहीं।
कुँवर अमृतबीर सिंह ने बॉडी फिटनेस के लिए कभी सप्लीमेंट्स नहीं लिए। प्रोटीन और अन्य जरूरतों के लिए दूध और दूध से बने उत्पाद का ही उपयोग किया। जब उन्हें अवॉर्ड मिला तो कुछ कंपनियों ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसेडर बनाया। अपने प्रोडक्ट भी भेजे। जो उनके काम के नही थे, उन्हें दूसरों को दे दिया।
कुँवर अमृतबीर सिंह ने विश्व रिकॉर्ड के लिए विभीन्न रिकॉर्ड बुक्स में पड़ताल की। इसके बाद उन्होंने पुशअप के नए रिकॉर्ड बनाना तय किया। इसके लिए ऑनलाइन ही वीडियो अपलोड करना होता हैं। नकल पुशअप रिकॉर्ड के लिए अपलोड वीडियो पहली बार में रिजेक्ट हो गया। रिजेक्ट होने के बाद कुँवर अमृतबीर सिंह ने एक बार तो सोचा की अब रिकॉर्ड की जिद छोड़ देते हैं, लेकिन मन नही माना। उन्होंने फिर इसके लिए हिम्मत की। कोशिश करते रहे। 2020 में इंडिया बुक ऑफ विश्व रिकॉर्ड व एशिया बुक ऑफ विश्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया। पांच जून 2020 को नकल पुशअप व 26 सितंबर 2020 को सुपरमैन पुशअप का रिकॉर्ड कुँवर अमृतबीर सिंह ने अपने नाम किया।
कुँवर अमृतबीर सिंह अब खुद को इंटरनेशनल यूथ आइकॉन के तौर पर देखना चाहते हैं। इसके लिए वे तैयारी कर रहे हैं। युवाओं को उनकी सलाह है कि कोई भी काम हो, कड़ी मेहनत के साथ अनुशासन, नियमों का पालन जरूरी है। खुद की मेहनत को फॉलो करें और धैर्य रखें। जो युवा विश्व रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं वेभ्भी कड़ी मेहनत का रास्ता ही चूने। अपनी दिनचर्या में कड़ी मेहनत को शामिल करें।
कुँवर अमृतबीर सिंह के लिए अपने समय का पूरा उपयोग करना ही सफलता हैं। यदि आप समय का पूरा उपयोग नहीं कर पा रहे हैं तो फिर आप सफल नहीं कहे जा सकते। उनका कहना है समय का पूरा उपयोग करकेहर कठिन परिस्थिति से बाहर निकला जा सकता है। वे मानते हैं कि उनकी सफलता में परिवार के साथ सोश्यल मीडिया, स्थानीय मीडिया की बड़ी भूमिका रही। उनके अनुसार वही सफल होता हैं जिसकी लक्ष्य पर नजर हो, जो मेहनत करें, सही समय का इंतजार करें।
  • इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड धारक - 2020 सितंबर
  • वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया होल्डर- 2020 जुलाई
  • 2019 में एक मिनट में 118 पोर पुशअप
  • कर्मवीर चक्र पुरस्कार 2020 - 2021 के लिए चयनित
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