Successful Indian - successfullindian

नाम - बिरादर वीर शेट्टी

जन्म - 3 मार्च 1973

जन्म स्थान - ज़हीराबाद तालुका, तहसिल झारासंगम, तेलंगाना

व्यवसाय - किसान

बिरादर वीर शेट्टी, वह नाम जो तेलंगाना क्षेत्र के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं। इन्हें पूरे देश में मिलेट मैन ऑफ़ तेलंगाना के नाम से जाना जाता है। कड़े परिश्रम और निष्ठा के बाद हासिल किया यह नाम लाता है हम सब के लिए एक ऐसी कहानी जो हमारे लिए प्रेरणा का स्त्रोत है।
बिरादर वीर शेट्टी जी का जन्म 3 मार्च 1973 को ज़हीराबाद तालुका,तहसिल झारासंगम,तेलंगाना में हुआ था। यह शिक्षा इन्होने अपने गाँव से 5 किलो मीटर दूर राईकुड गाँव में स्थित स्कूल से ली। शिक्षा के प्रति इनका प्रेम इतना था के रोज़ का 10 किलो मीटर पैदल चलने का सफर भी इन्हें बाधा नहीं लगा था। फिर उन्होनें स्नातक हैदराबाद की ओपन यूनिवर्सिटी से बी ऐ की डिग्री पूर्ण की। साथ ही साथ यह रामोजी फिल्म सिटी में एक जूनियर आर्टिस्ट व असिसटेंट डायरेक्टर की उपाधि पे काम भी करते थे। इनका यह सफर बहुत रोमांचक रहा, अपने कुल 25 फिल्मों में कई दिग्गज कलाकार के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया।बॉलीवुड,तेलुगू और हॉलीवुड फिल्में करके 5 साल (1999 -2004 )बाद उन्होनें रामोजी फिल्म सिटी से विदा ली, इसका कारण इनकी परिवार से दूरी थी।इनके परिवार में इनकी माता श्री, इनकी पत्नी और एक बेटा और एक बेटी हैं।
इसके बाद उन्होंने [इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टिट्यूट फॉर दा सेमी एरिड-ट्रॉपिक्स (आई.सी.आर.आई.एस.ए.टी)]हैदराबाद, तेलंगाना में एक अप्रधान के तौर पे नौकरी की। यह दिग्गज वैज्ञानिक ( डॉ सी एच रवींद्र रेड्डी )को असिस्ट किया जिनके प्रोजेक्ट समन्वयक डॉ अशोक अलूर थे। यहाँ (आई.सी.आर.आई.एस.ए.टी) में बिरादर वीर शेट्टी जी ने कई महत्वपूर्ण अनुभव किये। एक बार यह काम के सिलसिले में महाराष्ट्र गए वहां कुछ ऐसी परिस्थिति बनी की इनको खाने की अव्यवस्था के कारण भूख का सामना करना पढ़ा। इस अनुभव के बाद उन्होंने इस परिस्थिति पर विचार, की अगर ऐसी सामान्य स्थिति बने तो इसका समाधान कैसे ढूंढा जायेगा। महाराष्ट्र से वापिस आने के बाद सन 2007 में उन्होंने एक छोटी सी दुकान खोलने का फैसला लिया जहाँ इन्होंने चार कर्मचारी को कार्यरत किया था।जो ज्वार की रोटियाँ और हैदराबाद की प्रसिद्ध सेंधा चटनी बनाते थे जिसको नियमित रूप से 6 से 8 महीने के लिए संभाल के रख सकते हैं। इनके उत्पादक की मांग बाज़ार में तेज़ी से बढ़ने के कारण श्री मान ने इस काम के स्तर को बढ़ाया और आज यह “एस.एस भवानी फूड प्राइवेट लिमिटेड” के नाम से हैदराबाद में मशहूर है। यह इस व्यवसाय से लगभग एक लाख प्रति माह की आमदनी करते हैं। इनकी 4 शाखाएं हैदराबाद में और एक शाखा दिल्ली में हैं साथ ही साथ यह अपने उत्पाद देश-विदेश में भी सप्लाई करते हैं।
फिर उन्होंने मिलेट उगाना शुरू किया और डॉ.सी एलएल गौड़ा,उप महानिदेशक {आई.सी.आर.आई] और डॉ सी एच रविन्द्र रेड्डी, निदेशक, एम.एस.एस (एम स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन), जेयपोर, ओडिशा के तकनीकी मार्गदर्शन में मूल्यवर्धित बाजरा उत्पादन के क्षेत्र में प्रवेश किया। मूल्य वर्धित बाजरा उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने का एक कारण यह भी है की शहरी आबादी के बीच जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का उभरना और युवाओं में जंक फूड के सेवन की व्यापकता है।


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“एक किसान और एक जवान हमारे देश की दो आँखें हैं” इस विचार के साथ वे आगे मिलेट की जानकारी देते हुए कहते है की मिलेट आठ प्रकार की होती है ज्वार,बाजरा ,फॉक्सटेल ,कोदो बरनयार्ड, रागी, लिटिल ,ब्राउन टॉप है, इसे दो प्रकार में बाटा गया है। एक मेजर मिलेट और दूसरा माइनर मिलेट। मेजर मिलेट मे बाजरा, ज्वार और रागी आते है, एवं मैनोर मिल्लेट्स में फोस्टाइल, कोदो बनयार्ड , लिटिल ,ब्राउन टॉप आते है। वह {फॉक्सटेल बाजरा } से अच्छी उपज प्राप्त करने का प्रबंधन करते है।3-3.5 क्विंटल / एकड़, बाजरा 4-5 क्विंटल / एकड़, शर्बत 4-5 क्विंटल / एकड़ और उंगली बाजरा 4-5 क्विंटल / एकड़) उचित प्रबंधन के साथ संचालन करते है। किसानों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने सन 2009 में एक स्वयं शक्ति फाउंडेशन नामक एक संस्था खोला जहाँ यह किसान और कृषि के विकास के लिए काम करते हैं। नयी टेक्नोलॉजी सपोर्ट, तकनीक एवं मार्किट जैसे कार्य में यह किसानों का मार्ग दर्शन करते है। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने मिलेट आधारित मूल्यवर्धित उत्पादों के कवरेज का विस्तार करने के लिए 27 फरवरी, 2017 को एक और मूल्यवर्धित केंद्र (दुकान) शुरू किया। साथ ही साथ यह इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़मिलेट मिलेट रिसर्च (आई आई एम आर) हैदराबाद, तेलंगाना में एक इंटरप्रेन्योर की उपाधि पे नियुक्त हैं जिसके माध्यम से इन्होंने कई गवर्नमेंट प्रोजेक्ट भी हासिल किये। (नाबार्ड, नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूलर डिपार्टमेंट नेहरू नगर, तेलंगाना) जो एक एग्रीकल्चर एवं प्रेज़रवेटिव उत्पाद के वृद्धि व विकास से संबंधित है उन्होंने (आई आई एम आर ) के सहयोग से फ़ार्मर फ़र्स्ट नामक एक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई सी ए आर) परियोजना के साथ भी काम करना शुरू किया। उन्होंने ,(एम एस एस आर एफ {एम एस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन) जेपोर, ओडिशा में “पोषण सुरक्षा के लिए फसलों का कम किया” साथ ही इन्होने( हाई मील प्रिपरेशन) के लिए सेमिनार किया जिसमें उन्होंने मार्केट, फील्ड, टेक्निकल सपोर्ट, टेक्निक्स, एवं क्रॉप्स व मिलेट्स जैसे विषयों पर ट्रेनिंग दी। इसके बाद ओडिशा में किसानों को शिक्षित करने के लिए एक फील्ड विजिट किया गया। उनका मानना ​​है कि सभी मिलेट आधारित मूल्यवर्धित उत्पादों को सभी के लिए साल भर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।वे आगे कहते है की कुछ प्रोजेक्ट्स तेलंगाना के तीन अलग अलग क्षेत्रों में पूर्ण हो चुके एवं जारी हैं।

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श्री बिरादर वीर शेट्टी का सफ़र एक प्रेरणा है हर उस इंसान के लिए जो अपने जीवन में कुछ करना चाहता है अथवा उस इंसान के लिए जो किसान व कृषि से संबंधित है यदि कोई अपना व्यवसाय कृषि में बनाना चाहता हो या मिलेट्स से सम्बंधित कोई मार्ग दर्शन या जानकारी चाहता है वह इनकी संस्था स्वयं शक्ति फ़ाउंडेशन निश्चित संपर्क कर सकता है।मिलेट मैन ऑफ़ तेलंगाना बनना आसान नहीं था। कई बाधाओं का सामना करके कई परीक्षाएं देने के बाद इस मुकाम को हासिल करने के बाद आज भी शेट्टी जी खुद को एक साधारण इंसान बताते हैं और कहते हैं की वो जीवन में अभी और भी बहुत कुछ करना चाहते हैं। यह सफ़र और मुकाम वह सफलता नहीं बल्कि सफलता की सीढ़ी मानते हैं। इनका मानना है की काम की भाग दौड़ में कभी अपने स्वस्थ को अनदेखा न करो।इनका समाज को एक ही संदेश है की जो भी करो मन से करो और सफलता चाहते हो तो चौकीदार भी तुम बन जाओ एवं राजा भी तुम बन जाओ।इनका कृषि व किसानों के प्रति यह योगदान, ज्वार, बाजरा जैसे मिलेट्स के उत्पादन व सप्लाई के लिए किसानों को ट्रेनिंग } देना और उन्हें संपूर्ण सहयोग देना एक क्रांति से कम नहीं। इनके इन्ही परिश्रमों व दिव्य शिक्षा व ज्ञान के ही कारण आज यह "द मिलेट मैन ऑफ़ तेलंगाना" के नाम से जाने जाते हैं।
  • "डॉ. एम.वी.राव मेमोरियल अवार्ड " प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (पी.जे.टी.एस.ए.यू ) 2017
  • " बेस्ट फार्मर अवार्ड" एम.एस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन (एम.एस.एस.आर.एफ), जेयपोरे ,ओडिशा, 2017
  • "बेस्ट मिलेट मशीनरी अवार्ड" इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च (आई.आई.एम.आर ) हैदराबाद, 2017
  • "रायथु मिश्रा अवार्ड " बापटला फार्मेसी कॉलेज, बापटला, 2018
  • "बेस्ट इंटरप्रेन्योर अवार्ड " डॉ.एम.वी.राव, मेमोरियल अवार्ड, आई.आई.आर.आर, राजेंद्र नगर, 2018
  • "मिलेट मन ऑफ़ तेलंगाना" राजेंद्र नगर, 2018

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